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NEET 2021 : बिहार में MBBS की 1703 सीटों पर होगा दाखिला

देश के मेडिकल कॉलेजों में नीट में पिछले साल के अनुसार ही कटऑफ रहने की संभावना है। इस बार भी 720 में 720 अंक तक छात्र को प्राप्त हुए हैं। एक नहीं तीन छात्र रैंक वन में हैं। नीट 2020 में बिहार के ऑल इंडिया 15 प्रतिशत कोटे के साथ-साथ बिहार स्टेट का कटऑफ भी बढ़ गया था।

मॉपअप राउंड के तहत करीब 617-618 अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज की अंतिम सीट मिल गयी थी। इस बार भी स्थिति कमोबेश यही रहने की उम्मीद है। मधुबनी के जेया बेलाल को 720 में 715 अंक प्राप्त हुए हैं। वहीं, दर्श को 706 व रमण को 705 अंक प्राप्त हुए हैं।

बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेज की 85 प्रतिशत सीटों पर बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) द्वारा एडमिशन प्रक्रिया आयोजित करायी जाएगी। एमबीबीएस में 1703 तथा बीडीएस की 235 सीटों पर 2021 में एडमिशन होना है। इसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के लिए 1070 सीटें हैं। वहीं, प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के लिए 700 सीटें हैं। सरकारी बीडीएस में 35 सीटें हैं तथा निजी में 200 सीटों पर दाखिला होगा।

ओपनिंग व क्लोजिंग रैंक पर दें ध्यान
2018 में सामान्य वर्ग के छात्रों का एमबीबीएस में पिछले साल 539 कटऑफ पर एडमिशन हुआ था, लेकिन 2019 में सामान्य श्रेणी के छात्रों का फर्स्ट लिस्ट में सेलेक्शन 599 अंक पर जबकि अंतिम सेलेक्शन 568 अंक पर हुआ था। एसटी छात्र का कटऑफ 2018 में 502 और 2019 में घटकर 478 ओपनिंग अंक हो गया था। अंतिम एडमिशन 408 अंक पर हुआ था। 2018 में एससी का कटऑफ 493 अंक से गिर कर 2019 में 417 अंक हो गया था। वहीं, निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों का कटऑफ (ओपनिंग) 472 अंक था।

2020 में 15 कोटे के तहत सीटें

वर्ग रैंक
सामान्य 15038
इडब्ल्यूएस 14389
सामान्य (इएसआइ कोटा) 49922
जनरल (पीडब्ल्यूडी) 591575
ओबीसी 13423
ओबीसी (इएसआइ कोटा) 56442

ओबीसी(पीडब्ल्यूडी) 447403
एससी 81121
एससी (इएसआइ कोटा) 222751
एससी(पीडब्ल्यूडी) 759769
एसटी 96759
एसटी (इएसआइ कोटा) 789259

बिहार के कॉलेजों में 60-65 फीसदी लड़कियों को मिलेगा मौका
बिहार के मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों में 33 प्रतिशत सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित रहेंगी। यह नियम 2021 से ही लागू हो जाएगा। स्टेट कोटे के तहत बिहार में एमबीबीएस की 1070 सीटें हैं। इनमें से अब 33 प्रतिशत सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित होंगी। अब 1070 सीटों में से करीब 353 सीटें लड़कियों के लिए रहेंगी। जैसे पटना मेडिकल कॉलेज में स्टेट कोटे के तहत 165 सीटें हैं। इनमें से अब करीब 54 सीटों पर लड़कियों का एडमिशन होता है।

2020 में 40 प्रतिशत छात्राओं का हुआ था एडमिशन: नीट 2020 में बीसीईसीईबी की ओर से बिहार स्टेट मेधा सूची के अनुसार टॉप के 1000 विद्यार्थियों में 612 छात्र तथा 388 छात्राएं शामिल थीं। मेधा सूची में छात्राओं की भागीदारी 39 प्रतिशत रही। यह प्रतिशत इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि मेधा सूची के प्रथम एक हजार रैंक में 388 छात्राएं शामिल थीं। वहीं, एडमिशन में करीब 40 प्रतिशत छात्राओं की भागीदारी रही।

एसटी (पीडब्ल्यूडी) 815024

सरकारी कॉलेजों में स्टेट कोटे के तहत सेकेंड काउंसिलिंग का रैंक
कोटा स्टेट रैंक
सामान्य 690
एससी 211
बीसी 410
एसटी 25
इबीसी 360
इडब्ल्यूएस 255
 

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