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पीसीएस विशेष भर्ती 2018 के मुख्य परीक्षा परिणाम पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट पीसीएस विशेष भर्ती 2018 के मुख्य परीक्षा परिणाम व चयन परिणाम की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर चयनित अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया है और उनसे छह सप्ताह में याचिका पर जवाब मांगा है।

यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने अखंड प्रताप सिंह की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि केवल राज्य सरकार व आयोग को सुनकर फैसला करना उचित नहीं होगा। याचिका में वैकल्पिक विषय में स्केलिंग लागू न करने को चुनौती देते हुए नए सिरे से मुख्य परीक्षा परिणाम घोषित करने की मांग की गई है। साथ ही मूल अंक व स्केल अंक की जानकारी भी मांगी है। आयोग ने विशेषज्ञ समिति की राय पर वैकल्पिक विषय में स्केलिंग किए बगैर परिणाम घोषित किया है। कोर्ट ने इस पर तीन सवाल किए हैं पहला यह कि क्या आयोग को वैकल्पिक विषय की स्केलिंग न करने की छूट है। दूसरा यह कि क्या अधिकांश के अंकों में असमानता न होने पर स्केलिंग नहीं होगी और तीसरा यह कि चयन पूरा होने के बाद क्या मुख्य परीक्षा परिणाम पर हस्तक्षेप किया जा सकता है। इन बिंदुओं पर 30 नवंबर को सुनवाई होगी।

याचिका के अनुसार याची प्रारंभिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा में सफल हुआ। उसका साक्षात्कार भी हुआ लेकिन मेरिट में न आने पर चयनित नहीं हो सका तो याचिका दाखिल कर मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय में स्केलिंग लागू न करने को चुनौती दी है। 23 जून 2020 को मुख्य परीक्षा परिणाम घोषित किया गया था और 11 सितंबर 2020 को चयन परिणाम घोषित किया गया। दोनों को रद्द कर नए सिरे से परिणाम घोषित करने की मांग की गई है।

आयोग का कहना था कि संजय सिंह के केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत विशेषज्ञ समिति ने 26 फरवरी 2020 को रिपोर्ट दी। आयोग ने उसका अनुमोदन भी कर दिया। वैकल्पिक विषय में स्केलिंग लागू किए बगैर परिणाम घोषित किया गया है। कोर्ट ने रिकॉर्ड तलब किया था और कहा कि चयनित अभ्यर्थियों को सुने बिना आदेश देना उचित नहीं होगा। 

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