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UPSC IAS परीक्षा में किया था टॉप, अब एक फैसले से एक बार फिर सुर्खियों में कलेक्टर

तेलंगाना में एक जिलाधिकारी ने अपनी पत्नी के प्रसव के लिए प्राइवेट अस्पताल के बजाय सरकारी अस्पताल को चुना। भ्रदाद्री-कोठागुदेम जिले के जिलाधिकारी अनुदीप दुरीशेट्टी की पत्नी ने बुधवार को एक शिशु को जन्म दिया। अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए प्राइवेट अस्पताल के बजाय सरकारी अस्पताल को चुनने के उनके फैसले की सराहना हो रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टी हरीश राव और परिवहन मंत्री पी अजय कुमार जिलाधिकारी की तारीफ करने वालों में शामिल हैं।
     
आपको बता दें कि दुरीशेट्टी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूीपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2017 में शीर्ष स्थान हासिल किया था। 2018 बैच के आईएएस ऑफिसर दुरीशेट्टी तेलंगाना के जागितियल जिले के मेतपल्ली कस्बे के रहने वाले हैं। उन्हें तेलंगाना कैडर अलॉट किया गया था। 

अस्पताल के एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने अपनी पहचान न बताने की शर्त पर कहा, ‘मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. वाई एस राजशेखर रेड्डी ने शिशु का स्वास्थ्य चेकअप किया है और आवश्यक दवाएं दे दी हैं।’

भद्राचलम स्थित अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट एम रामाकृष्णा ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि जिला कलेक्टर की इस पहल से सरकारी अस्पतालों में आम जनता का भरोसा फिर से मजबूत होगा। उनका यह फैसला आगे तक मिसाल के तौर पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा आईएएस अफसर अगर चाहते तो वह अपनी पत्नी के किसी बड़े प्राइवेट अस्पताल में ले जा सकते थे लेकिन उन्होंने सरकारी अस्पताल चुनकर यह साबित किया कि हमारे अस्पताल भी किसी प्राइवेट अस्पतालों से कम नहीं हैं। एडमिट होने से पहले भी उनती पत्नी रेगुलर चेक-अप के लिए हमारे यहां आती रहती थीं। 

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