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यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 : इन नियमों पर खरा उतरने पर ही स्कूल बन सकेंगे एग्जाम सेंटर

यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर परीक्षा 2022 शुरू होने में अभी समय बचा है लेकिन परीक्षा कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बोर्ड परीक्षा के लिए केन्द्र बनाए जाने के लिए केन्द्र निर्धारण नीति जारी कर दी गई है। स्कूलों को बोर्ड द्वारा तैयार मेरिट सूची के अनुसार बनाया जाएगा। बोर्ड की मेरिट सूची में शामिल होने के लिए स्कूलों को बोर्ड के मानकों के आधार पर खरा उतरते हुए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिसमें स्कूल की सुविधाओं, कैटेगरी, परीक्षा परिणाम के आधार पर नम्बर दिए जाएंगे। जिसके बाद मेरिट सूची तैयार होगी। मेरिट सूची तैयार होने के बाद मण्डलीय स्तर पर टीम स्कूलों का भौतिक सत्यापन कर दी गई जानकारियों का सत्यापन करेगी।  

-परीक्षा परिणाम पर अब दस अंक
अभी तक बोर्ड जिन मानकों पर विद्यालयों को अंक देकर मेरिट लिस्ट तैयार करता था। उनमें विद्यालय के पिछले वर्ष के हाईस्कूल और इंटर का परिणाम नब्बे फीसद होने पर 20 अंक जोड़ता था लेकिन इस वर्ष इन नम्बरों में पचास फीसदी की कटौती कर ली गई है और पिछले वर्ष के परिणाम के लिए सिर्फ दस अंक ही जोड़े जाएंगे।   

-राजकीय विद्यालयों को ज्यादा अंक
केन्द्र निर्धारित नीति के तहत राजकीय स्कूलों को परीक्षा केन्द्र बनाने में प्राथमिकता दी जा रही है। बोर्ड ने मेरिट सूची तैयार करने के लिए राजकीय, एडेड और वित्तविहीन विद्यालयों को क्रमश: 50,  30 और दस अंक दिए जाएंगे। राजकीय कॉलेजों को पचास अंक मिलेंगे तो सीधे ये मेरिट सूची में ऊपर आए जाएंगे। 

-अधिक संख्या वाले स्कूल को प्राथमिकता
बोर्ड की ओर से परीक्षा केन्द्र बनाए जाने के लिए तैयार मेरिट सूची में यदि कई स्कूलों की मेरिट समान होती है तो अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी। 

– ऐसे मिलेंगे अंक, बनेगी मेरिट सूची
राजकीय विद्यालय को 50 अंक
एडेड विद्यालय को 30 अंक
वित्तविहीन विद्याय को 10 अंक
सीसीटीवी कैमरे होने पर 10 अंक
पिछड़ा परीक्षा परिणाम 90 फीसद होने पर 10 अंक

डॉ. अमरकांत सिंह (जिला विद्यालय निरीक्षक) ने कहा, बोर्ड की ओर से केन्द्र निर्धारण के मानक जारी कर दिए गए हैं। सभी विद्यालयों को निर्देश दे दिए गए हैं। जो मानक तैयार किए गए है उसी आधार पर ऑनलाइन परीक्षा केन्द्र बनाए जाएंगे। 

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