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BSSC , BPSC और BTSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर नीतीश सरकार ने लिए ये फैसले

BSSC , BPSC , BTSC Recruitment Exam : बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी), बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) , बिहार तकनीकी सेवा आयोग ( बीटीएससी ) आदि द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए विभिन्न मदों में स्वीकृत शुल्क, पारिश्रमिक और मानदेय का पुनर्निधारण किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई। बिहार लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, तकनीकी सेवा आयोग, विश्वविद्यालय सेवा आयोग समेत विभिन्न परीक्षाओं के लिए स्क्रूटिनी कार्य करने वाले कर्मियों की भुगतान की दरों में संशोधन किया है। बीपीएससी कर्मियों को प्रति उत्तर पुस्तिका के तीन रुपये दिए जाएंगे। जबकि कर्मचारी चयन आयोग एवं तकनीकी सेवा आयोग में स्क्रुटनी कार्य करने वाले कर्मचारियों के पारिश्रमिक को प्रति उत्तर पुस्तिका के लिए 2.70 पैसे दिए जाएंगे।

बिहार के 22 डिग्री कॉलेज विश्वविद्यालय को हस्तांतरित होंगे
राज्य के विभिन्न अनुमंडलों के 22 डिग्री कॉलेजों को उस क्षेत्र के विश्वविद्यालयों में हस्तांतरित किया जाएगा। राज्य सरकार डिग्री कॉलेज विहीन अनुमंडलों में इसकी स्थापना का निर्णय लिया है। इनमें कइयों के कार्य शुरू है। अब ये सारे विश्वविद्यालय के हवाले होंगे। इनमें कॉलेजों में बेनीपुर (दरभंगा), मधुबन (पूर्वी चंपारण), बायसी (पूर्णिया), राजगीर (नालंदा), बगहा (पश्चिमी चंपारण), शिवहर, धमदाहा (पूर्णिया), अरवल, महिला कॉलेज जमुई, नौहट्टा (रोहतास), सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा), मनिहारी (कटिहार), तेघड़ा (बेगूसराय), बलिया (बेगूसराय), बखरी (बेगूसराय), नीमचक बथानी (गया), जगदीशपुर (भोजपुर), त्रिवेणीगंज (सुपौल), रजौली (नवादा), पीरो (भोजपुर), पुपरी (सीतामढ़ी), महुआ (वैशाली)।

बिहार के 149 आईटीआई बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
राज्य के सभी आईटीआई को उच्च स्तरीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित किया जाएगा। दो चरणों में इसे पूरा किया जाएगा, जिसपर कुल 4606 करोड़ 97 लाख खर्च होंगे। पहले चरण में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 60 और दूसरे चरण में 2022-23 में 89 कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में जो 4607 करोड़ खर्च होने हैं, उसका 88 हिस्सा टाटा टेक्नोलॉजी ही देगी। शेष 12 राशि 552 करोड़ 84 लाख का वहन राज्य सरकार करेगी। इनमें पहले चरण में 262 करोड़ 68 लाख और दूसरे चरण में 389 करोड़ 66 लाख राज्य खर्च करेगा, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति कैबिनेट ने दी है। 
 

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