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MBBS की 1450 सीटें बढ़ीं, पीएम मोदी से स्टालिन ने की मांग- तमिलनाडु को NEET परीक्षा से मिले छूट

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि वह मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए छात्रों को नीट परीक्षा से छूट देने के राज्य के अनुरोध पर सकारात्मकता से विचार करें। उन्होंने कहा कि यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के खिलाफ है। प्रधानमंत्री द्वारा राज्य में 11 नये सरकारी मेडिकल कॉलेजों के उद्घाटन के बाद स्टालिन ने अपनी अपील दोहराते हुए कहा, ”तमिलनाडु की दाखिला नीति हमारे देश में स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसकी रक्षा करने के लिए हम लगातार तमिलनाडु को नीट से छूट देने का अनुरोध कर रहे हैं। मैं केन्द्र सरकार से इस अनुरोध पर सकारात्मकता से विचार करने की अपील करता हूं।”

राज्य को 11 नये सरकारी मेडिकल कॉलेज देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए केन्द्र से समर्थन की मांग की।

उन्होंने कहा कि केन्द्र को राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और कार्यक्रमों के लिए अनुदान राशि बढ़ानी चाहिए। तमिलनाडु के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के सपने की ओर इंगित करते हुए स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के छह नवगठित जिलों के लिए एक-एक मेडिकल कॉलेज स्थापना को मंजूरी देने का अनुरोध किया।

तमिलनाडु में 11 नए मेडिकल कॉलेजों के उद्घाटन से राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें 1450 तक बढ़ जाएंगी।

82,000 से बढ़कर 1.48 लाख पहुंचीं यूजी पीजी सीटें     
पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि वर्ष 2014 में देश में जहां सात अखिल भारतीय आयुर्विज्ञन संस्थान (एम्स)  स्तर के संस्थान थे, वहीं आज देश में इनकी संख्या बढ़कर 22 हो गई है। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र को पारदर्शिता के लिए भी सुधार के कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश में जहां सिर्फ 387 मेडिकल कॉलेज थे वहीं पिछले सात सालों में इनकी संख्या बढ़कर 596 हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के चिकित्सकों के कौशल को देखते हुए वह कह सकते हैं कि भारत में मेडिकल टूरिज्म (चिकित्सा पर्यटन) का केंद्र बनने के लिए सभी आवश्यक चीजें उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पहले स्नातक और परास्नातक स्तर पर 82,000 सीटें थी वहीं आज इनकी संख्या 1.48 लाख पहुंच गई है। 
 

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