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औरंगाबाद के अविनाश ने यूपीएससी में पाई 190वीं रैंक, कहा- असफलता में होता है सफलता का राज

बिहार में औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड के छोटे से गांव कोशडीहरा के रहने वाले अविनाश ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता का परचम लहराया हैं। शुक्रवार को जारी परीक्षा फल में 190वां रेंक हासिल कर गांव, प्रखंड एवं जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता पर घर में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। 

अविनाश के भाई नीरज ने बताया कि अविनाश को चौथी बार में सफलता मिली है। पहली बार 2016 में उन्होंने यूपीएससी के लिए प्रयास किया था जिसमें वे सफल नहीं हो सके थे। हालांकि उसी वर्ष आईएफएस की परीक्षा उन्होंने दी थी और उसमें वे सफल हुए थे और फारेस्ट विभाग, यूपी के गोरखपुर में डीएफओ के पद पर पदस्थापित हुए। इसके बावजूद उनमें यूपीएससी का जुनून कायम रहा। वर्ष 2017 और 2019 में भी उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी लेकिन सफल नहीं हो सके। लगातार तीन असफलता के बाद भी हौसला नहीं हारा और अंतिम चौथी बार में  सफलता प्राप्त की। 

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अविनाश की इस सफलता पर पूरे गांव के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। नीरज खुद एनटीपीसी हजारीबाग में पोस्टेड हैं। पिता मोहन सिंह इसी वर्ष एनटीपीसी, हजारीबाग से जनवरी माह में कार्यपालक अभियंता पद से रिटायर हुए हैं। अविनाश की शादी वर्ष 2016 में आकांक्षा से हुई थी। वह भी बतौर एमबीबीएस डॉक्टर हैं। माता माधुरी सिंह एक गृहणी हैं। 

अविनाश ने गया के नाजरत एकेडमी से मैट्रिक, बाल विद्या निकेतन जहानाबाद से इंटर, आईआईटी रुड़की से बीटेक और एमटेक किया। 

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अविनाश ने बताया कि सेल्फ स्टडी ने ही उन्हें सफलता के इस मुकाम तक पहुंचाया। युवाओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि एक असफलता से हार नहीं माननी चाहिए। असफलता में ही सफलता के राज छिपे रहते हैं। कड़ी मेहनत और लगन से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। भाई की सफलता पर नीरज एवं अम्बुज काफी खुश हैं। गांव के लाल के डीएम बनने को लेकर कोसडीहरा गांव में खुशी का माहौल है।

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