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यूपीएससी रिजल्ट 2020 : IAS अफसर बनने जा रहे लखनऊ के इन होनहारों ने बताया सफलता का राज

UPSC IAS Result : संघ लोक सेवा आयोग ने 2021 की परीक्षाओं के नतीजे शुक्रवार को घोषित कर दिए। इन नतीजों में लखनऊ के भी कई मेधावी सितारे बनकर चमके हैं। पूजा गुप्ता ऑल इंडिया 42वीं रैंक के साथ शहर की टॉपर बनीं हैं, वहीं 44वीं रैंक के साथ दिव्यांशु निगम दूसरे स्थान पर हैं। कई मेधावियों ने 100 के अंदर रैंक हासिल कर अपना नाम चमकाया है। कोविडकाल की चुनौतियों का सामना करते हुए जिस तरह से इन होनहारों ने सफलता पाई है, वह काबिल-ए-तारीफ है। पेश है यूपीएससी के इन मेधावियों से हुई बातचीत।

दिव्यांशु निगम: 44 रैंक
सिस्टम को अंदर से समझना है

जानकीपुरम के रहने वाले दिव्यांशु कहते हैं कि यह कहना आसान है कि ब्यूरो्क्रेसी लापरवाह है, व्यवस्था खराब है। मगर जब आप खुद उस व्यवस्था का हिस्सा बनते हैं तब वहां की चुनौतियां समझ में आती हैं। मैं भी सिस्टम को अंदर से समझना चाहता था, इसी बात ने मुझे प्रेरणा दी आईएएस बनने की। साथ ही पिता भी आईएफएस ऑफिसर हैं तो उनको देखकर भी काफी कुछ सीखा। सबसे बड़ा सबक मिला कोविडकाल के दौरान दिखने वाली परेशानियों से।

परिचय कुमार- 410 रैंक
योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाएंगे

मूलरूप से मोतिहारी बिहार के रहने वाले परिचय कुमार ने 2016 में आईआईएम लखनऊ से एमबीए किया था और उसके बाद से यूपीएससी की तैयारी में लग गए। उनके पिता अजय कुमार ग्रामीण बैंक में मैनेजर और मां गीता देवी गृहिणी हैं। परिचय कहते हैं कि यूपीएससी का सिलेबस तैयार करने के लिए कोचिंग, ट्यूशन के साथ-साथ अपनी तैयारी पर भी ध्यान देना चाहिए। अब तो ऑनलाइन इतना सारा मटरीरियल मौजूद है, मॉक टेस्ट देकर अच्छी तैयारी की जा सकती है। परिचय ने खुद भी प्राइवेट नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी की।

विधु शेखर: 54 रैंक
लगातार तीन बार तोड़ा तिलिस्म

2018 में अब तक लगातार तीन बार यूपीएससी में चयनित होने वाले विधु शेखर इस समय नेशनल एकेडमीऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (एनएडीटी) में ट्रेनिंग कर रहे हैं। 2018 में उनका चयन आईआरएस में चयन हुआ था, उस समय रैंक 173 थी। इसके बाद 2019 में भी सफलता मिली लेकिन रैंक थोड़ा और नीचे गिरकर 191 पहुंच गई। इस बार उन्होंने 54वीं रैंक हासिल करके आईएएस बनने में सफलता पाई। विधु कहते हैं कि मेहनत फल जरूर देती है।

शिवाक्षी दीक्षित: 64 रैंक
टाइम मैनेजमेंट से मिली सफलता

इन्दिरानगर की रहने वाली शिवाक्षी का यह दूसरा प्रयास था जिसमें उन्हें सफलता मिली। स्प्रिंग डेल और लामार्ट्स से पढ़ाई करने वाली शिवाक्षी ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से बीकॉम किया, वहीं से पीजी कर रही हैं। मां वीना दीक्षित आरएलबी सर्वोदय नगर में शिक्षिका हैं। शिवाक्षी कहती हैं कि बिना टाइम मैनेजमेंट के तैयारी की जाएगी तो सफलता नहीं मिलेगी।

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