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UPSC Result 2021 : अमरोहा की सदफ ने यूपीएससी के लिए छोड़ी अमेरिकी बैंक की नौकरी, बिना कोचिंग पाई 23वीं रैंक

UPSC Result 2021 : उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की बेटी सदफ चौधरी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 ( UPSC CSE Result 2020 ) में 23वीं रैंक हासिल करके सफलता की एक नई इबारत लिखी। मूल रूप से जोया की रहने वाली सदफ ने कैमिकल इंजीनियरिंग करने के बाद 2016 में एक अमेरिकी बैंक में जॉब की। इसके बाद 2018 में जॉब छोड़कर सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गईं। दो साल की कड़ी मेहनत के बाद बिना किसी कोचिंग के उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

नेशनल हाईवे किनारे बसे जिले के छोटे से कस्बे जोया की मूल निवासी सदफ ने इंटरमीडिएट तक की अपनी पढ़ाई एलएसए अमरोहा से पूरी की। साल 2010 सीबीएसई बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में वह 10 सीजीपीए के साथ जिला टॉपर रहीं। साल 2012 में 91 प्रतिशत अंकों के साथ सीबीएसई बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा पास की। इसके बाद जेईई मेन्स परीक्षा पास की। एनआईटी जालंधर में दाखिला मिला। यहां से कैमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। साल 2016 में एक अमेरिकी बैंक के साथ जुड़ीं और 2018 तक दिल्ली में अपनी प्रोफेशनल लाइफ को जारी रखा। साल 2018 में जॉब को छोड़ दिया। बिना किसी कोचिंग खुद के बल पर आईएएस बनने की तैयारी में जुट गईं। दो साल की कड़ी मेहनत के बल पर शुक्रवार को आए आईएएस परीक्षा के नतीजों ने उन्हें बड़ी खुशी दी। मेरिट लिस्ट में 23वें पायदान पर उन्होंने जगह बनाई। जानकारी हुई तो खुद सदफ और उनके परिजनों व परिचितों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। फिलहाल छह महीने पहले ही सदफ का परिवार जोया से उत्तराखंड के रूड़की में शिफ्ट हुआ है। उनके पिता मोहम्मद इसरार बैंक प्रबंधक व माता शहबाज बानो गृहणी हैं। 

माता-पिता के मार्गदर्शन और छोटी बहन के हौंसले ने दिलाई कामयाबी : सदफ 
हिन्दुस्तान के साथ फोन पर हुई बातचीत में सदफ ने बताया कि आईएएस अफसर बनना बचपन से उनका सपना था। लक्ष्य मुश्किल था लेकिन असंभव नहीं। शुरुआती दौर में एक बैकअप की तलाश थी। यही वजह रही कि पहले बीटेक की पढ़ाई पूरी की और फिर कुछ वक्त जॉब के साथ प्रोफेशनल लाइफ में गुजारा। जब लगा कि अब यहां कदम जम गए हैं और बचपन की ख्वाहिश वाली वो मंजिल दूर नहीं तब जॉब छोड़ दी। पूरी लगन के साथ आईएएस की तैयारी शुरू की। माता-पिता के साथ ही छोटी बहन सायमा चौधरी ने हिम्मत और हौंसला हर कदम पर बढ़ाया। नतीजा शुक्रवार को जिस नतीजे का इंतजार था वो सामने आ ही गया।

विश्व पटल पर देश का मान बढ़ाने का है इरादा 
आईएएस परीक्षा में सदफ का ये दूसरा प्रयास था लेकिन साक्षात्कार तक वह पहली बार ही पहुंची। परीक्षा में उनका मुख्य विषय राजनीति विज्ञान रहा। बिना किसी कोचिंग सेल्फ स्टडी के दम पर आईएएस बनने की जिद उन्होंने बचपन से ठानी थी। सदफ अब भारतीय विदेश सेवा के जरिए विदेशों में बतौर राजपूत भारत का प्रतिनिधित्व करने व विश्व पटल पर देश को नई पहचान दिलाने का इरादा दिल में ठाने हैं।

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